15 अगस्त 1947 — ये तारीख भारतीय इतिहास में सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि सदियों की गुलामी से मुक्ति का प्रतीक है। लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, संघर्ष और दृढ़ निश्चय से भारत को वह दिन मिला, जब देश ने पहली बार अपनी आज़ादी की सांस ली।
Highlights:
हर साल की तरह, आज फिर हम 15 अगस्त को पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है?
आइए जानते हैं 15 अगस्त से जुड़ी कुछ अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, जो इस दिन को वैश्विक दृष्टि से खास बनाती हैं:
जापान का आत्मसमर्पण और कोरिया की स्वतंत्रता (1945)
दूसरे विश्व युद्ध के अंतिम चरण में, अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद जापान ने घुटने टेक दिए। 15 अगस्त 1945 को जापानी सम्राट हिरोहितो ने रेडियो के माध्यम से आत्मसमर्पण की घोषणा की। यह दिन जापान में ‘सुसेन नो ही’ यानी युद्ध समाप्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जापान के आत्मसमर्पण के साथ ही कोरिया, जो लगभग 40 वर्षों से जापानी उपनिवेश था, आज़ाद हो गया। आज दक्षिण कोरिया इस दिन को ‘ग्वांगबोकजोल’ यानी स्वतंत्रता पुनर्प्राप्ति दिवस के रूप में मनाता है।
कांगो की स्वतंत्रता (1960)
15 अगस्त 1960 को अफ्रीकी देश कांगो ने फ्रांस से आज़ादी हासिल की। वर्षों के संघर्ष के बाद कांगो ने खुद को पेरिस के शासन से मुक्त किया और फुल्बेर्ट योउटू देश के पहले राष्ट्रपति बने। यह दिन कांगो के लिए आज भी स्वतंत्रता का प्रतीक है।
बहरीन की आजादी (1971)
भारत की तरह ही, 15 अगस्त 1971 को बहरीन ने ब्रिटेन से आज़ादी प्राप्त की। हालांकि बहरीन आधिकारिक रूप से 16 दिसंबर को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है, क्योंकि उस दिन वहां के शासक ईसा बिन सलमान अल खलीफा ने गद्दी संभाली थी।
लिकटेंस्टीन का स्वतंत्रता दिवस (1855)
यूरोप का छोटा, लेकिन समृद्ध देश लिकटेंस्टीन भी 15 अगस्त को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है। 1855 में जर्मन परिसंघ के विघटन के बाद इसे वास्तविक स्वतंत्रता मिली। आज यह दिन वहां एक सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है।
अन्य ऐतिहासिक घटनाएं जो 15 अगस्त को घटीं:
- पनामा नहर का उद्घाटन (1914):
अमेरिका के व्यापार और सैन्य विस्तार की दृष्टि से पनामा नहर का महत्व ऐतिहासिक रहा है। इस नहर के उद्घाटन ने वैश्विक व्यापार को नई दिशा दी। - वर्जिन मैरी का स्वर्गारोहण (धार्मिक मान्यता):
रोमन कैथलिक परंपरा के अनुसार, 15 अगस्त को वर्जिन मैरी का स्वर्गारोहण हुआ था। इसलिए यूरोप और लैटिन अमेरिका के कई देशों में यह दिन धार्मिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है।






















