झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह सादगी भरा और जमीन से जुड़ा हुआ रूप निश्चित ही लोगों के बीच एक मजबूत संदेश दे रहा है। एक तरफ वह राज्य की जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपने पारिवारिक कर्तव्यों को भी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
ई-रिक्शा चलाकर खुद आयोजन स्थल का निरीक्षण करना न सिर्फ आम जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वे व्यवस्थाओं को लेकर कितने गंभीर हैं। मंत्रियों को पीछे और उपायुक्त को बगल में बैठाकर उन्होंने यह भी जताया कि प्रशासनिक जिम्मेदारी में हर किसी की भागीदारी अहम है — और यह काम केवल आदेश देने से नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर ही बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो न केवल सीएम की लोकप्रियता को बढ़ा रही हैं, बल्कि लोगों को यह भरोसा भी दिला रही हैं कि उनका नेता अपने लोगों के बीच है, उनकी तकलीफों और जरूरतों को खुद समझने की कोशिश कर रहा है।






















