36 Turtles Seized in Danapur Train: रेल पुलिस की टीम ने हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में कार्रवाई करते हुए 36 कछुए बरामद किए हैं। इनमें पांच कछुए मृत पाए गए, जबकि बाकी कछुओं को सुरक्षित बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि इन कछुओं को उत्तर प्रदेश से तस्करी कर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। पुलिस की मौजूदगी का पता चलते ही तस्कर मौके से फरार हो गए। बरामद कछुओं को दानापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर जीआरपी के हवाले किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
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साधारण बोगी में बोरे से मिले 36 कछुए
जानकारी के अनुसार, रेल पुलिस दानापुर की टीम अलग-अलग ट्रेनों में संदिग्ध सामानों की जांच कर रही थी। इसी दौरान नेऊरा स्टेशन के पास हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस की साधारण बोगी में शौचालय के समीप एक बोरा दिखाई दिया। तलाशी लेने पर उसमें कछुए भरे हुए मिले। पुलिस ने बोगी में मौजूद यात्रियों से कछुओं के संबंध में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी इसकी जानकारी नहीं दी। इसी बीच कछुओं को ले जा रहे संदिग्ध तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। ट्रेन के दानापुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर पुलिस ने सभी कछुओं को बरामद कर जीआरपी थाने पहुंचाया।
पांच कछुए मृत मिले, वन विभाग को दी गई सूचना
बरामद किए गए कुल 36 कछुओं में पांच मृत पाए गए। बाकी कछुओं को सुरक्षित रखा गया। बरामदगी की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के स्पेशल पीपी रामाकांत तिवारी भी जीआरपी दानापुर पहुंचे। उन्होंने कछुओं की स्थिति और उनकी बरामदगी से जुड़ी जानकारी ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कछुओं को बोरे में भरकर ट्रेन से ले जाया जा रहा था। इस तरह एक साथ बड़ी संख्या में कछुओं को ले जाने से उनकी जान को भी खतरा पैदा हो सकता है। पांच कछुओं की मौत इस बात की गंभीरता को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश से बंगाल ले जाए जा रहे थे कछुए
वन विभाग के स्पेशल पीपी रामाकांत तिवारी ने बताया कि कछुओं को उत्तर प्रदेश के अमेठी और सुल्तानपुर क्षेत्र में गंगा नदी से निकालकर तस्करी के जरिए बंगाल ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कछुओं की तस्करी कानूनन अपराध है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रजाति के कछुओं को बंगाल के रास्ते चीन भेजे जाने की बात सामने आती है। वहां इनका इस्तेमाल अस्थमा की दवा बनाने और इनके कठोर खोल से बुलेट प्रूफ जैकेट तैयार करने में किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, ये बातें वन विभाग के अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी और दावे पर आधारित हैं।
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20 से 25 किलो तक बताया गया कछुओं का वजन
बरामद सभी कछुओं का वजन लगभग 20 से 25 किलो बताया गया है। वन विभाग की ओर से कछुओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, सभी कछुओं को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद उनके प्राकृतिक अधिवास में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।रेल पुलिस और वन विभाग की इस कार्रवाई से ट्रेन के जरिए वन्यजीवों की तस्करी का मामला सामने आया है। फिलहाल तस्करों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आगे की कार्रवाई की जानी है।






















