कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर उपायुक्त माधवी मिश्रा ने दिए OSG सेंटरों की औचक जांच के निर्देश, पीसी एंड पीएनडीटी की बैठक सम्पन्न
धनबाद, 10 मई 2025: धनबाद जिले में कन्या भ्रूण हत्या पर रोक और लिंग अनुपात संतुलन बनाए रखने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को उपायुक्त माधवी मिश्रा की अध्यक्षता में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट समिति (PC & PNDT Act Committee) की बैठक का आयोजन किया गया।
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बैठक के दौरान जिले में संचालित नए अस्पतालों और डाइग्नोस्टिक क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन और रिन्युअल की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सभी मेडिकल संस्थानों में फायर सेफ्टी, पार्किंग सुविधाओं और तकनीकी संसाधनों की अनिवार्यता पर भी विशेष चर्चा हुई।
OSG सेंटरों पर होगी औचक जांच
बैठक में उपायुक्त माधवी मिश्रा ने समिति को निर्देशित किया कि जिले के सभी क्लिनिक और डाइग्नोस्टिक सेंटरों की तकनीकी और प्रशासनिक स्थिति की औचक जांच की जाए, ताकि कहीं भी पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट (PC & PNDT Act) के नियमों का उल्लंघन न हो। उन्होंने कहा कि OSG सेंटर (Ultrasound, Sonography, Genetic Centers) विशेष रूप से जांच के दायरे में होंगे।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रभावी निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण अनिवार्य है।
सभी संस्थानों में जरूरी सुविधाएं अनिवार्य: समिति का निर्देश
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिले में जितने भी अस्पताल, नर्सिंग होम और डाइग्नोस्टिक सेंटर्स कार्यरत हैं, उन्हें अग्निशमन सुरक्षा, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, और साफ-सुथरे इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमों का पालन करना होगा। सिविल सर्जन और जिला प्रशासन को इस संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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लिंग परीक्षण पर सख्ती, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक में जिला प्रशासन गंभीर
उपायुक्त ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम, जेंडर रेशियो को संतुलित करना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाना है।






















