जम्मू:जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक बार फिर कुदरत ने कहर बरपाया है। पड्डेर सब डिवीजन के चिशोती गांव में मचैल मट्टा यात्रा मार्ग पर अचानक बादल फटने की घटना में भारी तबाही मची है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के लापता होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
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बादल फटते ही आई अचानक बाढ़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिशोती गांव में बादल फटते ही अचानक तेज़ बाढ़ आ गई, जिसमें कई लोग बह गए और घर, रास्ते, पुल आदि बहकर तबाह हो गए। मौके पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, सेना, NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीमें जुट चुकी हैं और राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया शोक
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा:
“किश्तवाड़ में बादल फटने की खबर से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। सभी संबंधित एजेंसियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।”
मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका
हालात को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। कई लोग अब भी लापता हैं और मलबे में फंसे हो सकते हैं। प्रभावित इलाके में संचार और परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो गई है, जिससे राहत कार्य में चुनौती आ रही है।
सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन
प्रशासन की ओर से प्रभावितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। मेडिकल टीमें तैनात हैं और घायलों को हेलिकॉप्टर के ज़रिये पास के अस्पतालों में भेजा जा रहा है।






















