
निरसा:एग्यारकुंड प्रखंड के चिरकुंडा स्थित बाबूडंगाल निवासी इंद्रजीत चक्रवर्ती की 17 वर्षीय पुत्री राजनंदिनी चक्रवर्ती बीते चार वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रही है। मल्टीपल डिजीज से ग्रसित राजनंदिनी के इलाज में हर माह लगभग ₹20,000 का खर्च आता है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार इलाज कराने में असमर्थ है।
राजनंदिनी की हालत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म “X” पर साझा की गई, जिसके बाद सोमवार को उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किशोरी के घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
टीम ने राजनंदिनी की अब तक की चिकित्सा रिपोर्ट और उपचार इतिहास का अवलोकन किया तथा आगे की चिकित्सा प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी।
राजनंदिनी के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती ने बताया कि आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ होने के कारण परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है और फिलहाल उनके पास कोई स्थायी आय का साधन नहीं है।
सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) की सदस्य ममता अरोड़ा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर पूरे मामले की जानकारी ली गई है। बच्ची के इलाज में मदद के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सीडब्ल्यूसी की बेंच आगे की सहायता के लिए निर्णय लेगी।






















