संसद के शीतकालीन सत्र में 50 हजार करोड़ के रक्षा बजट को मिल सकती है मंजूरी
नई दिल्ली: मोदी सरकार बढ़ाएगी 50 हजार करोड़ रक्षा बजट, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद केंद्र सरकार अब भारतीय सेना को और मजबूत करने की तैयारी में है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और POK में आतंकियों के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने अपने शौर्य, सटीकता और रणनीतिक क्षमता का लोहा मनवाया।
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अब केंद्र की मोदी सरकार रक्षा बजट में बूस्टर डोज देने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार 50,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त रक्षा बजट के लिए प्रस्ताव तैयार कर चुकी है, जिसे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मंजूरी मिल सकती है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा रक्षा बजट
इस वर्ष के केंद्रीय बजट में भारत ने 6.81 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट निर्धारित किया है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53% अधिक है। यह केंद्र सरकार के कुल बजट का 13.45% है। वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा 2.29 लाख करोड़ रुपये था, यानी पिछले 10 वर्षों में रक्षा बजट लगभग तीन गुना हो गया है।
मेड-इन-इंडिया हथियारों का दिखा दम
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि मेड-इन-इंडिया हथियारों और तकनीक की विश्वसनीयता भी साबित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को दिए गए अपने संबोधन में कहा: “21वीं सदी की जंग में मेड-इन-इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट का वक्त आ गया है। दुनिया अब भारतीय हथियारों की क्षमताओं को गंभीरता से लेने लगी है।”
एयर डिफेंस सिस्टम ने बढ़ाया आत्मविश्वास
भारत का एयर डिफेंस सिस्टम अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। पाकिस्तान की ओर से दागे गए ड्रोन्स और मिसाइलों को भारतीय एयर डिफेंस ने प्रभावी ढंग से नष्ट कर दिया। यह तकनीकी अपग्रेड भारत की सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव दर्शाता है।
कहां खर्च होगा बढ़ा हुआ बजट?
बताया जा रहा है कि अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग नए हथियारों, गोला-बारूद, मिसाइल डिफेंस सिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी और आधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीद में किया जाएगा। साथ ही, रक्षा अनुसंधान और स्वदेशी निर्माण को भी बढ़ावा देने की योजना है।





















