धनबाद:धनबाद में लगातार हो रही बारिश ने शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जगह-जगह सड़कें टूट गई हैं, पुल-पुलिया बह गए हैं, और लोगों का सामान्य जीवन बेहाल हो गया है।
Highlights:
धनबाद के टुंडी प्रखंड के जाताखुटा गांव में बना वैकल्पिक मिट्टी का पुल एक बार फिर बारिश की भेंट चढ़ गया है। इससे न सिर्फ 40 से ज्यादा गांवों के हजारों लोगों की आवागमन व्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
जाताखुटा में पिछले एक साल से पुल और सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसी दौरान लोगों की सुविधा के लिए नदी पर एक वैकल्पिक मिट्टी का पुल बनाया गया था। लेकिन हर बारिश में यह पुल बह जाता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह पुल अब तक 8-10 बार ढह चुका है, लेकिन अब तक न टुंडी विधायक मथुरा महतो और न ही गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों की शिकायत:
“हम लोग रोज़ बांस से बनी टोकरी, पंखा, शूप लेकर धनबाद और गिरिडीह जाते हैं, लेकिन पुल टूटने से अब कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।”
छात्रा की पीड़ा:
“हर बार पुल गिरता है। 4 किलोमीटर एक्स्ट्रा चलकर कॉलेज जाना पड़ता है। नदी पार करना रिस्क भरा है। सरकार से मांग है कि स्थायी पुल जल्द बने।”
ग्रामीणों की मांग:
जल्द से जल्द स्थायी पुल और सड़क का निर्माण कार्य पूरा किया जाए।जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौके पर आकर निरीक्षण करें और समस्या का समाधान निकालें।





















