इनकम टैक्स चौराहे पर गरजी कांग्रेस, रेप पीड़िता की मौत पर नीतीश सरकार को घेरा, न्याय के लिए संघर्ष का ऐलान
पटना: मुजफ्फरपुर की रेप पीड़िता की मौत ने एक बार फिर बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पीएमसीएच (PMCH) में इलाज के दौरान हुई इस दर्दनाक मौत को लेकर आज पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन ने ना केवल राजधानी को झकझोर दिया, बल्कि बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।
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कांग्रेस का कहना है कि रेप पीड़िता की मौत लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि यह सरकार की संवेदनहीनता और अपराधियों को संरक्षण देने की नीति का सीधा परिणाम है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बलात्कार जैसे गंभीर मामलों को गंभीरता से नहीं लेती और ऐसे अपराधों पर लीपापोती करती है।
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष, युवा कार्यकर्ता, और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल थीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि रेप पीड़िता की मौत के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए।
“बेटी की अस्थियां लेकर करेंगे न्याय यात्रा” – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा-“अगर रेप पीड़िता की मौत पर न्याय नहीं मिला, तो हम उसकी अस्थियां लेकर पूरे बिहार में न्याय यात्रा निकालेंगे। जनता को बताएंगे कि यह सरकार बेटियों की सुरक्षा नहीं कर सकती।”
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को सीधा जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ये नेता केवल घोषणाएं करते हैं, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। रेप पीड़िता की मौत पर सरकार की चुप्पी शर्मनाक है और यह दर्शाता है कि सरकार अपराधियों को बचा रही है।
नीतीश-मंगल पांडे का पुतला दहन, न्याय की हुंकार
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का पुतला दहन कर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि जब तक रेप पीड़िता की मौत के पीछे की सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘बेटी बचाओ, सरकार हटाओ’ और ‘नीतीश सरकार जवाब दो’ जैसे नारों से पटना की सड़कों को गुंजायमान कर दिया। यह प्रदर्शन न केवल एक बच्ची के लिए न्याय की मांग था, बल्कि राज्य की बेटियों के भविष्य को लेकर उठी चिंता की आवाज भी थी।
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बिहार में बेटियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में
पिछले कुछ वर्षों में राज्य में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में रेप पीड़िता की मौत का यह मामला केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस सामाजिक और प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन गया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि बिहार सरकार को केवल कानून व्यवस्था के आंकड़े गिनाने से आगे बढ़कर पीड़ितों को न्याय देना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन पूरे बिहार में फैलाया जाएगा।
रेप पीड़िता की मौत बनेगी बिहार की सियासत का बड़ा मुद्दा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेप पीड़िता की मौत का यह मामला आगामी चुनावों में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस इसे सरकार की विफलता का प्रतीक बनाकर जनता के बीच लेकर जाने की योजना बना रही है।






















