शारदीयन नवरात्र की महाअष्टमी मंगलवार 30 सितंबर को है। यह दिन जगत जननी आदिशक्ति देवी मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर मां महागौरी की भक्ति भाव से पूजा की जाएगी। साथ ही देवी मां गौरी को प्रसन्न करने के लिए अष्टमी का व्रत रखा जाएगा।
Highlights:
ज्योतिषियों की मानें तो आश्विन माह की अष्टमी तिथि पर शोभन योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में देवी मां महागौरी की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलेगा। साथ ही शुभ कामों में सफलता मिलेगी। अगर आप भी देवी मां दुर्गा की कृपा पाना चाहते हैं, तो अष्टमी के दिन भक्ति भाव से देवी मां महागौरी की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय राशि अनुसार इन मंत्रों का जप करें।
राशि अनुसार मंत्रों का जप:
| राशि | जपने योग्य मंत्र |
|---|---|
| मेष | ॐ गौर्यै नमः |
| वृषभ | ॐ अंबिकायै नमः |
| मिथुन | ॐ तारायै नमः |
| कर्क | ॐ ललितायै नमः |
| सिंह | ॐ महालक्ष्म्यै नमः |
| कन्या | ॐ कामाक्ष्यै नमः |
| तुला | ॐ भैरव्यै नमः |
| वृश्चिक | ॐ सत्यज्ञानायै नमः |
| धनु | ॐ सुमंगल्यै नमः |
| मकर | ॐ ज्वालिन्यै नमः |
| कुंभ | ॐ दुर्गायै नमः |
| मीन | ॐ ब्राह्मयै नमः |
मां महागौरी का सामान्य मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु महागौर्यै रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
पूजा विधि संक्षेप में:
- प्रातः स्नान करके साफ वस्त्र पहनें।
- मां महागौरी की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें।
- अक्षत, पुष्प, दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करें।
- अपनी राशि के अनुसार मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
- मां को सफेद पुष्प, नारियल, हलवा-पूरी आदि का भोग अर्पित करें।
- अंत में आरती करें और सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।





















