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धनबाद:सीएसआईआर–केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सिम्फर), बरवा रोड, धनबाद में आयोजित हिंदी सप्ताह (14 से 24 सितंबर 2025) का समापन समारोह आज संस्थान के सभागार में दोपहर 3:30 बजे संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारीगण एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में डीआरएम अखिलेश मिश्रा की उपस्थिति
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मध्य रेलवे, धनबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अखिलेश मिश्रा जी उपस्थित थे। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि भूमिका में संस्थान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष एवं भूतपूर्व निदेशक प्रो. डी. डी. मिश्रा ने मंच की शोभा बढ़ाई। समारोह का आरंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जो भारतीय परंपरा में शुभारंभ का प्रतीक है।
निदेशक का स्वागत भाषण: मातृभाषा में शिक्षा की आवश्यकता पर बल
संस्थान के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने स्वागत भाषण में कहा कि आज भारत में कुछ आईआईटी संस्थानों में प्रथम वर्ष में हिंदी में शिक्षा देने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जो भाषा आधारित समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी मातृभाषा में सोचते हैं, तो हमारी अभिव्यक्ति अधिक सशक्त होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदी में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वक्तव्य को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया।
गृह मंत्री अमित शाह के संदेश का पठन
कार्यक्रम के दौरान प्रो. डी. डी. मिश्रा द्वारा गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी का हिंदी दिवस 2025 का संदेश पढ़कर सुनाया गया, जिसमें राजभाषा हिंदी को प्रशासन की भाषा बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
डीआरएम का प्रेरणादायक संबोधन
मुख्य अतिथि अखिलेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कार्यालयीन हिंदी के उपयोग में यूनिकोड तकनीक की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध अगर अपनी भाषा में प्रकाशित हो तो वह जन-सामान्य तक अधिक प्रभावी रूप से पहुंच सकता है। उन्होंने स्थानीय भाषाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि इनके माध्यम से पारंपरिक ज्ञान और कौशल को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना संभव है, जो केवल प्रमाणपत्र आधारित शिक्षा से नहीं हो सकता।
धन्यवाद ज्ञापन एवं आयोजन टीम
कार्यक्रम के अंत में मुख्य वैज्ञानिक डॉ. जे. के. पाण्डेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन शम्भूशरण मंडल, प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया गया। हिंदी सप्ताह के समस्त कार्यक्रमों की योजना एवं क्रियान्वयन में साहाना चौधुरी (हिंदी अधिकारी) एवं अनिमा कुमारी महातो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन राष्ट्रगान के साथ
समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में भाग लिया।






















