देवघर: पालोजोरी प्रखंड अंतर्गत पंचायत दुधानी में सोशल ऑडिट यूनिट झारखंड द्वारा आयोजित पंचायत स्तरीय जनसुनवाई में बड़े पैमाने पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का पर्दाफाश हुआ है। यह जनसुनवाई 28 नवंबर 2025 से 04 दिसंबर 2025 तक आयोजित की गई, जिसमें बीआरपी प्रदीप राउत, परमेश्वर हसदा तथा वीआरपी मुकेश मंडल, राजेश रोशन हेंब्रम, सत्यनारायण यादव और लखाय पहाड़िया शामिल रहे।
Highlights:
जनसुनवाई के दौरान सोशल ऑडिट टीम ने कई गंभीर खामियों का खुलासा किया। रिपोर्ट में कुल रिकवरी 1,17,409 रुपये, तथा जुर्माना 1,986 रुपये दर्शाया गया है। बड़ी बात यह है कि कुल 39 लाख 33 हजार 333 रुपये की अतिरिक्त रिकवरी के मामले भी सामने आए हैं, जो वित्तीय अनियमितताओं की गंभीरता को दर्शाते हैं।
ऑडिट में सामने आई प्रमुख अनियमितताएँ
- 76 योजनाओं की राशि सहायक अभियंता के हस्ताक्षर के बिना ही भुगतान कर दी गई।
- पंचायत में 245 मनरेगा योजनाएँ, 82 आवास और अबुआ आवास योजनाएँ संचालित पाई गईं।
- जांच में 56 फाइलें अप्राप्त मिलीं।
- 9 योजनाएँ पूरी तरह गायब, जबकि उन योजनाओं की पूरी राशि की निकासी पहले ही की जा चुकी थी।
सामग्री आपूर्ति पर गंभीर सवाल
वेंडर सत्यापन के दौरान किसी भी सामग्री आपूर्ति से संबंधित एक भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिला, जबकि योजनाओं में निरंतर सामग्री आपूर्ति का भुगतान दर्शाया गया है। इससे योजनाओं में फर्जी बिलिंग और कागजी सामग्री आपूर्ति की आशंका गहरी हो गई है।
सोशल ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद पंचायत प्रशासन में हड़कंप मच गया है। संबंधित अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना प्रबल मानी जा रही है।






















