बिहार:बिहार चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन राजनीति की गलियों में हलचल बढ़ गई। टिकटों की गिनती, गठबंधन के समीकरण और नेताओं की दबंग चालों के बीच सबसे बड़ा सियासी ड्रामा खत्म हुआ और बाजी जीत ले गये मुकेश सहनी। कई दिनों से जिस सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी चल रही थी, उसका समाधान आखिरकार हो गया। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी को “उचित सम्मान” का भरोसा दिया। उनके खाते में 15 सीटें मिलीं, वहीं, VIP के 2 नेताओं को विधान परिषद और खुद मुकेश सहनी को राज्यसभा भेजने पर भी मुहर लग गई। सहनी ने दरभंगा में ऐलान किया कि “इस बार चुनाव नहीं लड़ूंगा, गठबंधन के प्रत्याशियों के लिये पूरी ताकत से प्रचार करूंगा।” गांव के चौक पर लोग बोले, “देखा ना, पॉलिटिक्स में टाइमिंग ही सबकुछ है!”
50 सीट से 15 सीट तक की कहानी
शुरुआत में सहनी ने 50 सीट और डिप्टी CM पद की मांग रखी थी। धीरे-धीरे उन्होंने सीटों की संख्या घटाई, पर पद की मांग कायम रखी। दिल्ली दरबार से लेकर पटना तक बैठकों का दौर चला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय बार-बार टलते रहे, आखिरकार शुक्रवार दोपहर 15 सीटों का फॉर्मूला फाइनल हुआ। एक पुराने कार्यकर्ता ने कहा, “ये जीत सीटों की नहीं, चाल की है।”





















