युवा आदिवासी नेतृत्व को मिली बड़ी जिम्मेदारी
रांची: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और जन-सरोकारों के लिए निरंतर सक्रिय युवा नेता शशि पन्ना को अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस (AICC) का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा अनुमोदित है और तत्काल प्रभाव से लागू होती है।
एआईसीसी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल (सांसद) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी औपचारिक घोषणा की।
Highlights:
शशि पन्ना का वक्तव्य
पन्ना ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के संयोजक राजू जी, तथा चेयरमैन विक्रांत भूरिया को जिम्मेदारी सौंपने के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा:“यह मेरे लिए गर्व, सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी का क्षण है। मैं आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और कांग्रेस संगठन के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करूंगा। आदिवासी समुदाय की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर और भी प्रभावी ढंग से उठाना मेरी प्राथमिकता होगी।”
शशि पन्ना का कार्य एवं योगदान
आदिवासी अधिकारों पर सक्रिय भूमिका
श्री पन्ना झारखंड के एक प्रतिबद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हैं और वर्षों से निम्न मुद्दों पर अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं:
- आदिवासी समुदाय का संवैधानिक संरक्षण
- वन अधिकार एवं भूमि अधिकार
- विस्थापन, पलायन और आजीविका से जुड़े प्रश्न
- शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
वे लगातार यह सुनिश्चित करते रहे हैं कि आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याएँ राष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से उठें।
मानवाधिकार और ज़मीनी हस्तक्षेप
हाल ही में उनका संवेदनशील हस्तक्षेप तब सामने आया जब आंध्र प्रदेश में कार्यरत एक दिवंगत आदिवासी मजदूर कुशल बुंझिया के परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता दिलाने में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई।
उनके प्रयास के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया और परिवार को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई।
यह घटना उनके नेतृत्व की मानवीय दृष्टि और तत्परता को दर्शाती है।
शैक्षणिक एवं वैचारिक पृष्ठभूमि
शशि पन्ना समाजशास्त्र के शोधार्थी हैं और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक संरक्षण, सामाजिक संरचना तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर गहन अध्ययन कर रहे हैं।
उनकी वैचारिक स्पष्टता और शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें संगठन में एक विशिष्ट दृष्टिकोण प्रदान करती है।
युवा संगठनात्मक नेतृत्व
युवा नेता के रूप में वे हमेशा संगठन की मजबूती,युवाओं की भागीदारी,और समुदाय-आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देते रहे हैं।
उनकी नियुक्ति से निश्चित रूप से अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस में नया उत्साह और ऊर्जा आएगी तथा आदिवासी समुदाय के मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में और अधिक प्रभावी स्थान मिलेगा।






















