पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिये राहत भरी खबर सामने आई है। जब दुनिया की नजरें सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील समुद्री रास्ते पर टिकी हैं, उसी बीच पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो और वाणिज्यिक जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz को पार कर चुके हैं, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बड़ा सुकून मिला है।
हाल के दिनों में Iran और Israel के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका की सक्रियता के कारण इस समुद्री मार्ग पर अनिश्चितता बढ़ गई थी। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया है कि यह जलमार्ग भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के लिये खुला रहेगा।
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की संतुलित विदेश नीति का ही परिणाम है कि युद्ध जैसे माहौल में भी ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं हुई। संभावित खतरों को देखते हुये Indian Navy ने इस क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।नौसेना के युद्धपोत लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
वहीं Ministry of External Affairs ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि LPG से लदे चार जहाज पहले ही सुरक्षित रूप से भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं।
फारस की खाड़ी में 540 भारतीय नाविक पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने मीडिया को बताया कि Persian Gulf में इस समय लगभग 20 भारतीय जहाज संचालित हो रहे हैं। इन जहाजों पर करीब 540 भारतीय चालक दल के सदस्य तैनात हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक के साथ किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
देश के प्रमुख बंदरगाहों, जैसे Mundra Port और Kandla Port—पर भी कामकाज सामान्य रूप से जारी है। माल उतारने में किसी तरह की देरी या भीड़भाड़ की स्थिति नहीं देखी जा रही है। दरअसल Strait of Hormuz से दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। युद्ध के कारण सामान्य जहाजों की आवाजाही में 90 प्रतिशत तक गिरावट आई है, लेकिन भारत की कूटनीतिक रणनीति और सैन्य सतर्कता के कारण देश के लिये ऊर्जा आपूर्ति का रास्ता फिलहाल सुरक्षित बना हुआ है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर चौबीसों घंटे नजर बनाये हुये हैं।





















