निरसा में सुशांतो सेनगुप्ता के 25वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा
Sushanto Sengupta Martyrdom Day: रामकनाली स्थित शहीद स्थल पर सोमवार को शहीद सुशांतो सेनगुप्ता, शहीद संजय सेनगुप्ता और शहीद डी.डी. पाल के 25वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग शहीद स्थल पहुंचे और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा के दौरान लोगों ने शहीदों को नमन किया और उनके संघर्ष एवं योगदान को याद किया। इस दौरान शहीद स्थल का माहौल भावुक नजर आया।
Highlights:
गरीब और मजदूरों की आवाज बनने का किया दावा

सभा को संबोधित करते हुए शहीद सुशांतो सेनगुप्ता की पत्नी और पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि सुशांतो सेनगुप्ता गरीब, मजदूर और असहाय लोगों की आवाज बनकर संघर्ष करते थे। उन्होंने कहा कि सुशांतो सेनगुप्ता ने ‘जल दो या जेल दो’ के नारे के साथ जनआंदोलन की शुरुआत की थी, जिसे जनता का समर्थन मिला था।
हत्या को लेकर अपर्णा सेनगुप्ता ने लगाए आरोप

अपर्णा सेनगुप्ता ने आरोप लगाया कि सुशांतो सेनगुप्ता की बढ़ती लोकप्रियता और जनसमर्थन कुछ राजनीतिक लोगों को पसंद नहीं आया। उनके अनुसार, 5 अक्टूबर 2002 को धनबाद से निरसा लौटने के दौरान रामकनाली में एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने आगे दावा किया कि सीबीआई जांच के बाद हत्या की साजिश से जुड़े तथ्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि जनता अब पूरे मामले से अवगत है और आने वाले समय में ऐसे लोगों को राजनीतिक रूप से जवाब देगी।
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शहीदों के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प

श्रद्धांजलि सभा के दौरान शहीद सुशांतो सेनगुप्ता, संजय सेनगुप्ता और डी.डी. पाल के संघर्ष को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। सभा में शहीदों के प्रति सम्मान और भावनाओं का माहौल बना रहा।






















