निरसा: देश की आज़ादी के महानायक, आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक और क्रांतिकारी विचारधारा के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शुक्रवार को निरसा में भाकपा (माले) की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निरसा स्थित माले निरसागुरुदास भवन में श्रद्धा, सम्मान और संघर्ष के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी उपस्थित साथियों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। निरसा प्रखंड परिसर स्थित प्रतिमा और माले कार्यालय में भी नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉमरेड आगम राम ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि औपनिवेशिक शोषण के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय स्वाभिमान की विचारधारा के प्रतीक थे। उनके साहस, त्याग और क्रांतिकारी सोच से आज भी देश के मेहनतकशों, युवाओं और शोषित वर्ग को संघर्ष की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि नेताजी द्वारा दिखाए गए मार्ग—न्याय, समानता और आज़ादी के अधूरे सपनों—को पूरा करने का संकल्प आज भी प्रासंगिक है। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में कॉमरेड आगम राम, टूटुन मुखर्जी, हरेंद्र सिंह, मनु सिंह, मुमताज अंसारी, ललन सिंह, सुखलाल सोरेन, प्रभु सिंह, गुलाम रब्बानी, मागन बाउरी, दीपू, दीपक, अतिकूर सहित दर्जनों साथी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में भाकपा माले निरसा के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।






















