मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के उस्ती चवर में स्थित रूप देवी माई स्थान स्थानीय लोक आस्था का प्रसिद्ध केंद्र माना जाता है। ग्रामीण परिवेश और शांत प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित इस धार्मिक स्थल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। यहां आने वाले श्रद्धालु माता के दरबार में अपनी मनोकामना रखते हैं और मन्नत पूरी होने पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ खीर भोज कराते हैं।
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मन्नत और आस्था से जुड़ी है मान्यता

रूप देवी माई स्थान को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होती है। इसी विश्वास के कारण श्रद्धालु अपनी अलग-अलग मनोकामनाओं को लेकर यहां पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद वे माता के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए विशेष आयोजन करते हैं।
मन्नत पूरी होने पर कराया जाता है खीर भोज

रूप देवी माई स्थान की प्रमुख परंपराओं में खीर भोज यानी खिरभोजन विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालु मन्नत पूरी होने के बाद बड़े पैमाने पर खीर तैयार करवाते हैं और लोगों को भोजन कराते हैं। संतान प्राप्ति, बीमारी से मुक्ति या नौकरी जैसी मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा खीर भोज कराने की परंपरा बताई जाती है। इसे माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम माना जाता है।
उस्ती चवर का प्राकृतिक परिवेश बढ़ाता है महत्व
रूप देवी माई स्थान उस्ती चवर क्षेत्र में स्थित है। चवर यानी निचले मैदानी और जलजमाव वाले क्षेत्र के आसपास का यह ग्रामीण इलाका अपने शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। स्थानीय आस्था के कारण इस स्थान को जागृत धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां की धार्मिक मान्यताएं और खीर भोज की परंपरा इसे आसपास के अन्य स्थानीय आस्था केंद्रों से अलग पहचान देती है।






















