धनबाद: शहर की सरकार बनने के बाद धनबाद नगर निगम बोर्ड की पहली अहम बैठक बाबूडीह स्थित विवाह भवन में आयोजित की गई।
इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹952.8 करोड़ का बजट पेश किया गया।
बजट में शहर के बुनियादी विकास कार्यों पर खास जोर दिया गया है,
करीब ₹130 करोड़ की लागत से सड़क, नल और पार्क निर्माण की योजना बनाई गई है।
बैठक के दौरान नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी का भी गठन किया गया,
जिसमें कुल 11 सदस्यों को शामिल किया गया है।
इनमें 2 पुराने और 9 नए चेहरे शामिल हैं,
कमेटी में राममूर्ति सिंह, निसार आलम, अशोक कुमार गुप्ता, रामेश्वर दूरी, प्रियरंजन, मनोरंजन कुमार, सोनाली कुमारी, जयकुमार, मेधा देवी, अलीम अंसारी और गणेश चंद्र महतो जैसे सदस्य शामिल हैं।
स्टैंडिंग कमेटी की पहली बैठक में गर्मी को देखते हुए बोरिंग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग उठी।
साथ ही होरलाडीह, लाल बंगला और डुमरी इलाके में जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने का मुद्दा भी जोर-शोर से रखा गया।
मेयर संजीव सिंह ने इन मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।
इसके अलावा सभी वार्डों में सफाई मजदूरों की संख्या बढ़ाने,
दैनिक वेतन पर कार्यरत सहायक कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा अवधि बढ़ाने और चापाकल मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठी।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में बिचौलियों की भूमिका पर भी चिंता जताई गई,
जिस पर नगर आयुक्त ने जांच के निर्देश दिए हैं।
बजट में विकास कार्यों के लिए DMFT फंड से ₹150 करोड़ की मांग की गई है।
वहीं राज्य सरकार से भी विभिन्न मदों में फंड की मांग रखी गई है—
▪️ ₹130 करोड़ नागरिक सुविधाओं के लिए
▪️ ₹90 करोड़ सड़कों के लिए
▪️ ₹50 करोड़ ड्रेनेज सिस्टम के लिए
▪️ ₹35 करोड़ पार्क और खेल विकास के लिए
▪️ ₹10 करोड़ लाइटिंग के लिए
इसके अलावा अमृत योजना के तहत ₹14 करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ₹24 करोड़ का प्रावधान किया गया है।





















