विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पुष्टि की: 12 मई को सैन्य अधिकारियों के बीच फिर होगी बातचीत
नई दिल्ली, 10 मई 2025: भारत और पाकिस्तान ने हालिया तनावपूर्ण हालात के बीच एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई—जमीन, हवा और समुद्र में—को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति जताई है। यह निर्णय शनिवार को पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) द्वारा भारतीय DGMO को दोपहर 3:35 बजे किए गए कॉल के बाद लिया गया। दोनों पक्षों ने भारतीय मानक समयानुसार शाम 5:00 बजे से संघर्षविराम लागू करने पर सहमति व्यक्त की।
Highlights:
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि दोनों देशों के DGMO ने 12 मई को दोपहर 12:00 बजे पुनः बातचीत करने का निर्णय लिया है, जिससे संघर्षविराम की स्थिति की समीक्षा की जा सके।
संघर्षविराम की पृष्ठभूमि
यह संघर्षविराम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर आया है, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान-समर्थित आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई थी।
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और प्रतिक्रिया
संयुक्त राज्य अमेरिका, विशेष रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ने इस संघर्षविराम को मध्यस्थता के माध्यम से संभव बनाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे “पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम” करार दिया, जबकि विदेश मंत्री रुबियो ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की प्रशंसा की।
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भविष्य की दिशा
हालांकि संघर्षविराम लागू हो गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और दीर्घकालिक शांति के लिए निरंतर संवाद आवश्यक होगा। 12 मई को होने वाली DGMO स्तर की बातचीत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
यह संघर्षविराम दोनों देशों के नागरिकों के लिए राहत की खबर है, जो हालिया संघर्ष के कारण असुरक्षा और अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। अब सभी की निगाहें आगामी वार्ताओं और शांति प्रक्रिया की प्रगति पर टिकी होंगी।






















