झरिया सड़क विवाद में 1100 मीटर लंबी नव-निर्मित सड़क को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ठेकेदार ने रंगदारी का लगाया आरोप, विभाग ने जांच शुरू की। जानिए पूरा मामला और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।
झरिया, धनबाद: झरिया के दो बस्तियों को जोड़ने वाली 1100 मीटर लंबी नव-निर्माण सड़क को जानबूझ कर क्षतिग्रस्त करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह झरिया सड़क विवाद स्थानीय प्रशासन और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लगभग 34 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क को जेसीबी से तोड़ दिए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोग तक आक्रोशित हैं। इस विवाद में स्थानीय पार्षद के भाई पर गंभीर आरोप लगे हैं।
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क्या है पूरा मामला?
झरिया में भवन प्रमंडल विभाग के अंतर्गत जय मां दुर्गा ट्रेडर्स को 2700 फीट सड़क निर्माण का कार्य सौंपा गया था। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार श्रवण दास ने आरोप लगाया कि उपेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि रंगदारी नहीं देने पर सड़क को जेसीबी मशीन द्वारा जानबूझकर क्षतिग्रस्त करवा दिया गया। इस पूरे मामले ने झरिया सड़क विवाद को और अधिक गंभीर रूप दे दिया है।
ठेकेदार की बात:
ठेकेदार श्रवण दास के अनुसार, 1100 मीटर सड़क की ढलाई हाल ही में की गई थी, जिसमें 50% राशि विभाग से उन्हें मिलनी बाकी थी। लेकिन भुगतान से पहले ही सड़क को तोड़ दिया गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इस विवाद में ठेकेदार ने विभाग को शिकायत की और कहा कि यह झरिया सड़क विवाद स्थानीय राजनीति और भ्रष्टाचार का परिणाम है।
श्रवण दास (ठेकेदार) ने कहा:
“हमने विभाग को इस मामले की जानकारी दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।”
विभाग ने लिया संज्ञान, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही भवन प्रमंडल विभाग के एसडीओ रौनक मिश्रा और जेई मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त सड़क की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभाग ने कहा कि यह झरिया सड़क विवाद जल्द सुलझाने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। एसडीओ रौनक मिश्रा बोले “जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय लोगों में भी गुस्सा
स्थानीय निवासी गुड्डू सिंह ने बताया कि यह सड़क इलाके के लिए बेहद जरूरी थी। इससे लोगों को आने-जाने में काफी सहूलियत होती थी। उन्होंने भी सड़क तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। झरिया सड़क विवाद की वजह से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय निवासी गुड्डू सिंह ने कहा “यह सड़क हमारे लिए जीवन रेखा थी। इसे बर्बाद करना जनता के साथ अन्याय है।”
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आरोपों पर प्रतिक्रिया, शैलेंद्र सिंह ने किया खंडन
वहीं इस मामले में उपेंद्र सिंह के भाई शैलेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में उनकी तरफ से पूरा सहयोग किया गया और रंगदारी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि झरिया सड़क विवाद में उनके परिवार को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। शैलेंद्र सिंह (उपेंद्र सिंह के भाई) बोले
“हमने खुद इस सड़क के लिए पहल की थी, हमारे ऊपर लगाए गए आरोप गलत और राजनीति से प्रेरित हैं।”
मानसून के पहले टूटी उम्मीदें, क्या होगा अब?
अब जबकि मानसून की दस्तक कुछ ही दिनों में होने वाली है, झरिया की यह टूटी सड़क वहां के लोगों के लिए एक अधूरा सपना बनती जा रही है। विभागीय जांच जारी है, लेकिन आम जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोषी कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। यह पूरा मामला झरिया सड़क विवाद के रूप में लोगों के जेहन में रह जाएगा






















