रांची:कभी वासेपुर की गलियों में आतंक का पर्याय बने फहीम खान अब आजाद हवा में सांस लेने वाले हैं। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि फहीम खान को छह सप्ताह के भीतर रिहा किया जाए।
Highlights:
फहीम खान पिछले 16 साल से जेल में हैं और उम्र 75 वर्ष के करीब है। उनके स्वास्थ्य की लगातार गिरावट के मद्देनज़र अदालत ने रिहाई का आदेश दिया। उनके वकील शाहबाज अहमद ने बताया कि अदालत ने पिछले साल दायर रिट पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय लिया।
हत्या से लेकर आजीवन कारावास तक की कहानी
साल 1989 में सागिर नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में फहीम खान की जिंदगी बदल गई। 1991 में निचली अदालत ने उन्हें बरी किया, लेकिन हाईकोर्ट ने बाद में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अब जेल मैन्युअल के प्रावधानों के तहत रिहाई का रास्ता खुल गया है।
फहीम पर दर्ज लगभग 90% मामले निस्तारित हो चुके हैं। कुछ में सजा पूरी हो चुकी है, एक में ट्रायल चल रहा है और एक मामले में चार्जशीट भी अभी नहीं हुई है। पिछले दो महीनों से फहीम खान रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं।
फहीम की रिहाई की खबर मिलते ही उनके घर में खुशी का माहौल है। बेटे इकबाल खान ने कहा, “हमें हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा था, और आज वह भरोसा सही साबित हुआ।” इकबाल ने युवाओं को नसीहत दी कि अपराध की राह हमेशा बर्बादी की ओर ले जाती है और वासेपुर का नाम मेहनत से ऊंचा होना चाहिए।






















