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Saturday, May 2, 2026

दिवाली आज, इतने बजे से शुरू होगा लक्ष्मी-गणेश पूजन मुहूर्त, जानें पूजा की विधि

हिंदू धर्म में दीये से जुड़ा दिवाली महापर्व दुर्भाग्य को दूर करके सुख-सौभाग्य को दिलाने वाला माना गया है. यही कारण है कि हिंदू धर्म से जुड़ा हर व्यक्ति इस पावन पर्व को मनाने के लिए पूरे साल इंतजार करता है. दिवाली की रात धन की देवी के साथ रिद्धि-सिद्धि के देवता भगवान श्री गणेश जी की विशेष पूजा का विधान है. इस दिन हर व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार गणेश-लक्ष्मी की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करता है. आइए दिवाली की रात की जाने वाली उस गणेश-लक्ष्मी पूजा की सरल विधि जानते हैं, जिसे करने पर पूरे साल घर में धन-धान्य, सुख-सौभाग्य बना रहता है.

 दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त 

गणेश-लक्ष्मी पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त – सायंकाल 07:08 से लेकर 08:18 बजे तक

प्रदोष काल की पूजा का शुभ मुहूर्त – सायंकाल 05:46 से लेकर रात्रि 08:18 बजे तक

वृषभ काल की पूजा का शुभ मुहूर्त – सायंकाल 07:08 से लेकर रात्रि 09:03 पी एम

दिवाली पर गणेश-लक्ष्मी पूजा विधि

पूजन की तैयारी

  1. साफ-सफाई: घर, विशेषकर पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें। इस दिन घर को सजाना बहुत शुभ माना जाता है।
  2. मंडप सजाएं: लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर गणेश जी और लक्ष्मी जी की मूर्तियाँ/तस्वीरें स्थापित करें।
  3. सामग्री तैयार करें:
    • कलश, रोली, चावल, फूल, मिठाई, पंचामृत, दीपक, धूपबत्ती, कपूर, मौली, नारियल, कमलगट्टा, गंगाजल
    • व्यवसायी/स्टूडेंट हैं तो: बहीखाता, किताबें, पेन, लैपटॉप भी रखें।

पूजन विधि:

  1. संकल्प लें – हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प लें: “आज दीपावली के पावन अवसर पर मैं गणेश-लक्ष्मी पूजन कर रहा/रही हूँ, कृपा करें।”
  2. कलश स्थापना करें – कलश में जल, सुपारी, सिक्का, अक्षत डालकर आम के पत्तों और नारियल से सजाएं।
  3. भगवान गणेश की पूजा करें – पहले गणेश जी की पूजा करें क्योंकि वे विघ्नहर्ता हैं। उन्हें दूर्वा, मोदक, फूल, रोली-अक्षत अर्पित करें।
  4. माता लक्ष्मी की पूजा करें – लक्ष्मी जी को कमलगट्टा, लाल फूल, चावल, हल्दी-कुमकुम, मिठाई आदि अर्पित करें। उन्हें सुंदर वस्त्र या आभूषण भी अर्पित किए जा सकते हैं।
  5. कुबेर, सरस्वती, व अन्य वस्तुओं की पूजा:
    • कुबेर जी: धन के रक्षक माने जाते हैं।
    • सरस्वती माता: ज्ञान और विद्या की देवी।
    • पुस्तकें, पेन, लैपटॉप, बहीखाता आदि की पूजा करें। ये आपके ज्ञान और व्यवसाय का प्रतीक हैं।
  6. आरती करें – लक्ष्मी माता, गणेश जी, और अन्य देवी-देवताओं की आरती करें। कपूर जलाएं, घंटी बजाएं।
  7. कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें या सुनें – लक्ष्मी कृपा पाने के लिए यह बहुत फलदायी माना गया है।
  8. क्षमा प्रार्थना करें – पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा मांगें।
  9. आशीर्वाद और प्रसाद वितरण – घर के बड़ों से आशीर्वाद लें, सभी को प्रसाद दें और स्वयं भी लें।

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