
धनबाद:नगर निगम मेयर चुनाव (23 फरवरी 2026) के मद्देनज़र मेयर प्रत्याशी रवि बुंदेला का सघन जनसंपर्क अभियान आज शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। सिजुआ, लोयाबाद, नया मोड़, भेलाटांड़ सहित अनेक इलाकों में उन्होंने नागरिकों से आत्मीय संवाद स्थापित किया और स्थानीय समस्याओं को नज़दीक से समझा। अभियान के दौरान स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि उनका जनसंपर्क हर वर्ग के बीच गहराई से प्रभाव डाल रहा है।
अभियान की शुरुआत सिजुआ क्षेत्र से हुई, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की। इसके बाद लोयाबाद में घर-घर संपर्क कर मतदाताओं से संवाद किया गया। नागरिकों ने बेहतर पेयजल व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम और पारदर्शी प्रशासन की आवश्यकता पर जोर दिया।
नया मोड़ और भेलाटांड़ क्षेत्रों में भी व्यापक जनसंपर्क किया गया। महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव सीधे साझा किए। स्थानीय युवाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान को और अधिक ऊर्जा प्रदान की।
इस अवसर पर रवि बुंदेला ने कहा कि वे स्वयं धनबाद की मिट्टी से जुड़े हुए हैं और यहाँ की समस्याएँ उनके जीवन का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, “जब तक हम जनता के बीच नहीं जाते, तब तक वास्तविक जरूरतों को समझना संभव नहीं है। धनबाद को स्वच्छ पानी, सुरक्षित सड़कें, सुदृढ़ ड्रेनेज, रोजगार के अवसर, युवा सशक्तिकरण और पारदर्शी प्रशासन की आवश्यकता है।”
उन्होंने अपने 15-सूत्रीय एजेंडा और 100-दिवसीय कार्ययोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्राथमिकताओं के आधार पर धनबाद के समग्र विकास की दिशा तय की जाएगी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
रवि बुंदेला ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि धनबाद के प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध भविष्य का निर्माण करना है। “मैं आप में से ही एक हूँ, और आपका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे 23 फरवरी को क्रम संख्या 18, चुनाव चिन्ह ‘हीरा’ पर मुहर लगाकर उन्हें समर्थन दें, ताकि धनबाद को एक नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिल सके।
आज के जनसमर्थन ने यह संकेत दिया है कि रवि बुंदेला का विकास विज़न शहरवासियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहा है और एक सशक्त, जवाबदेह नेतृत्व की अपेक्षा जनमानस में स्पष्ट रूप से उभर रही है।






















