गिरिडीह: गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत छोटकी खरगडीहा स्थित विनायक हॉस्पिटल में एक महिला की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, खुरचुट्टा निवासी रिंकी देवी (पति- संजय भवानी) की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर परिजन इलाज के लिए श्री विनायक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। वहीं राहुल नामक एक व्यक्ति, जो खुद को कंपाउंडर बता रहा था, ने महिला को दवा और इंजेक्शन दिया।
परिजनों के अनुसार, इंजेक्शन देने के कुछ ही देर बाद महिला की हालत और बिगड़ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर दिया।
सूचना मिलते ही बेंगाबाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए जाम को तत्काल हटवाया। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में जो भी आवेदन प्राप्त होगा, उसकी जांच कर विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, मृतका के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल गिरिडीह में कराया गया है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
घटना की जानकारी मिलने पर 11Scopes के स्थानीय संवाददाता नवीन राज टाइगर मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष लेने का प्रयास किया, लेकिन करीब आधे घंटे तक इंतजार के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आया। इस दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार, धमकी देने और कैमरा बंद कराने का भी आरोप सामने आया है।
मृतका रिंकी देवी अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं, जिनमें सबसे छोटी बेटी मात्र एक वर्ष की है। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।





















