छपरा: सारण और भोजपुर जिले की सीमा पर स्थित भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर का गांव कुतुबपुर इन दिनों गंभीर नदी कटाव की चपेट में है। कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि बड़े-बड़े मिट्टी के टीले तिनकों की तरह नदी में समा रहे हैं। इससे गांव के अस्तित्व पर गहरा खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों से कटाव की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है और नदी अब गांव की ओर बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले दिनों में कई घर नदी में समा सकते हैं। इस कारण पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कई बार कटाव रोकने के उपाय की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
गौरतलब है कि इसी नदी के कटाव से पहले भोजपुर जिले का जवनिया गांव पूरी तरह विलीन हो चुका है। वहां के सारे घर और आबादी नदी में समा गई थी। यही भय अब कुतुबपुर के लोगों को सता रहा है।
भोजपुरी संस्कृति की धरोहर भिखारी ठाकुर का गांव यदि इस कटाव की चपेट में आता है, तो यह क्षेत्रीय और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से एक बड़ी क्षति होगी।






















